Tufan Ka Dil

  • Written by Abu Sayed

Song

Tufan Ka Dil

Lyric

ये दिल नहीं, ये तूफ़ान का दिल है

हर साँस में बस तेरा ही ग़म है

किनारा मिला, पर डूबा रहा मैं

कैसी ये चाहत, कैसा सितम है

सूनी सी हैं ये रात की गलियाँ

पलकों पे ठहरी हैं बूँदें पिघलियाँ

हर एक आहट पे लगता है तुम हो

मिटते नहीं हैं ये वहम के घड़ियाँ

साँसों का चलना भी एक सज़ा लगे

हर रास्ता मुझसे ही खफा लगे

दुनिया भुला दी थी जिसकी ख़ातिर

वो ही मुझे आज बेवफ़ा लगे

ये दिल नहीं, ये तूफ़ान का दिल है

हर साँस में बस तेरा ही ग़म है

किनारा मिला, पर डूबा रहा मैं

कैसी ये चाहत, कैसा सितम है

रोके रुके ना ये अश्कों का मौसम, याद…

तू ही मेरी ज़िद, तू ही मेरा मरहम, बस…

कागज़ पे लिक्खे वो नाम पुराने

यूँ ही पलटता हूँ गुज़रे ज़माने

तेरी हँसी की वो खनक जो गुम है

ढूँढें कहाँ हम वो सारे बहाने

टूटा सा ख़्वाब है, बिखरा हुआ हूँ

अपने ही साये से सिहरा हुआ हूँ

आवाज़ दूँ भी तो किसको दूँ अब

मैं भीड़ में भी तो ठहरा हुआ हूँ

ये दिल नहीं, ये तूफ़ान का दिल है (दिल… दिल…)

हर साँस में बस तेरा ही ग़म है

किनारा मिला, पर डूबा रहा मैं

कैसी ये चाहत, कैसा सितम है

रोके रुके ना ये अश्कों का मौसम, याद…

तू ही मेरी ज़िद, तू ही मेरा मरहम, बस…

इक आस बाकी है दिल के कोने में

शायद तू लौट आये इस वीराने में

मैं आज भी उस मोड़ पे खड़ा हूँ

छोड़ा था तूने जहाँ अंजाने में

आँखें ये थक गयीं, रस्ता निहार के

दिन कट रहे हैं बस तुझको पुकार के

अब तो सईद की आवाज़ में भी

बस दर्द बसता है, क़िस्मत से हार के

ये दिल नहीं, ये तूफ़ान का दिल है (हाँ… दिल…)

हर साँस में बस तेरा ही ग़म है

किनारा मिला, पर डूबा रहा मैं

कैसी ये चाहत, कैसा सितम है

रोके रुके ना ये अश्कों का मौसम, याद…

तू ही मेरी ज़िद, तू ही मेरा मरहम, बस…

थमता नहीं…

ये सिलसिला… (याद… याद…)

बस दर्द है…

ये तूफ़ान का दिल… (दिल… दिल…)

Send this to a friend